Inspirational Quotes (in Hindi) : Albert Einstein

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हेलो, मेरे प्रिय दुनिया के तमाम पाठकों, दर्शकों, दोस्तों और छात्रों ! Physics यानी की भौतिकी शास्त्र की दुनिया में अबतक दो बड़े वैज्ञानिक हुए हैं, एक है एकदम शुरुआत में जिनका नाम हैं आईज़ैक न्यूटन, और दुसरा हैं वर्त्तमान सभ्यता के अंतिम चरण में जिनका नाम हैं अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)।  आइंस्टीन को उनकी एक क्रांतिकारी आविष्कार : “Theory of relativity : E = mc2’ , सापेक्षता का सिद्धांत या सापेक्षतावाद” , के लिए याद किया जाता हैं।  भारत और भारतीय ज्ञान के प्रति उनका बड़ा ही रूचि था    दूसरे वैज्ञानिकों के मुकाबले में , वह ईश्वर के अस्तित्व में पुरे ही विश्वास रखते थे।  Violin ( सारंगी / बेला / चिकारा ) बजाने में उनका बड़ा ही रूचि था।  जन्मसूत्र से वह एक यहूदी (Jew) थे।  उनका जन्मा जर्मनी में हुआ था, लेकिन बाद में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान वह अमेरिका (USA) में चले गए थे। 76 वर्ष की उम्र में सन 1955 में अमेरिका में उनका देहांत हुआ।  Physics में उनको नोबेल पुरस्कार मिला था। उनके द्वारा कहे गए महत्वपूर्ण कथनों को पढ़िए और अपना दिमाग या मस्तिष्क को तेज बनाइये। 

 

   अल्बर्ट आइंस्टीन  : (Quotes by Albert Einstein in Hindi)

 

  • एक मेज (table), एक कुर्सी (chair), एक कटोरा फल और एक Violin ( सारंगी / बेला / चिकारा ); खुश रहने के लिए मनुष्य को इससे ज्यादाऔर क्या चाहिए ?
  • जब आप एक अच्छी/ खूबसूरत लड़की के साथ दो घंटे बैठते हों, तो यह दो मिनट के समान लगता है । लेकिन जब आप कोई गरम स्टोव (stove) के ऊपर दो मिनट भी बैठते हों, तो यह दो घंटे के समान प्रतीत होता हैं। यही सापेक्षता (relativity) है ।
  • एक मनुष्य को यह देखना चाहिए कि क्या है, यह नहीं कि वह जैसा सोचता है वैसा ।
  • जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं की है, उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश ही नहीं की है ।
  • क्रोध मूर्खों (fools) की छाती/हृदय (bosom) में ही बसता है ।
  • यदि मानव जाति को बचना है, तो हमें वास्तव में ही नयी तरह की सोच की आवश्यकता होगी ।
  • जो छोटी-छोटी विषयों में सच (truth) को गंभीरता से (seriously) नहीं लेता है, उस पर बड़े मसलों में भी भरोसा नहीं किया जा सकता है ।
  • कोई भी समस्याचेतना के उसी स्तर पर रह कर नहीं हल की जा सकती है जिसपर वह उत्पन्न हुई है.
  • दो चीजें अनंत हैं: ब्रह्माण्ड (universe) और मनुष्य की मूर्खता (stupidity); और मैं ब्रह्माण्ड के बारे में मैं निश्चित (sure) नहीं हूँ।
  • इश्वर के सामने हम सब एक समान बुद्धिमान हैं-और एक समान मूर्ख भी ।

 

तो, पाठकों, दर्शकों, दोस्तों, छात्रों ! है , वास्तव ज़िंदगी से जुड़ी हुई कितनी सुन्दर सब बचन  ! जैसे कि मेरा भी मानना है कि इनमें से कुछ वचनों को लेकर आपका मतभेद हो सकता है. नाना मुनि नाना मति ! खैर, जो भी हो, इन बचनों को पड़कर आप सब को कैसा लगा ? मुझे कमेंट (comment)के माध्यम से ज़रूर बताएं, अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को Facebook और अन्य social media के माध्यम से ज़रूर share करें  !

अगर आप चाहें, तो अंग्रेजी में भी इन सब वचनों का एक संस्करण  यहां क्लिक  करने पर उपलब्ध होगा I

धैर्यपूर्वक पढ़ने के लिए आप सबको अनेकों अनेक धन्यवाद  !

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